National Zoological Park Delhi Tree Walk and Sunday Bird Walk participantsनई दिल्ली के राष्ट्रीय चिड़ियाघर में आयोजित ‘ट्री वॉक’ और ‘संडे बर्ड वॉक’ में प्रतिभागी।

राष्ट्रीय चिड़ियाघर में प्रकृति भ्रमण के दौरान 300 से अधिक पक्षियों का अवलोकन, 150 से ज्यादा पेंटेड स्टॉर्क की मौजूदगी रही प्रमुख आकर्षण

दूसरे ‘ट्री वॉक @ एनजेडपी’ और 11वें ‘संडे बर्ड वॉक’ में प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय चिड़ियाघर में 23 अगस्त 2026 को दूसरे ‘ट्री वॉक @ एनजेडपी’ के साथ 11वें ‘संडे बर्ड वॉक’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चिड़ियाघर की नागरिक विज्ञान पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जैव विविधता के दस्तावेजीकरण, निगरानी और संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में कुल 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

पेड़ों और पक्षियों की प्रजातियों का किया गया दस्तावेजीकरण

प्रकृति भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने 42 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया। इसमें 300 से अधिक पक्षियों का अवलोकन शामिल रहा। इसके साथ ही भ्रमण क्षेत्र में 40 वृक्ष प्रजातियों की भी पहचान और अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय चिड़ियाघर के अधिकारी, इंटर्न, स्वयंसेवक और संसाधन विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

150 से अधिक पेंटेड स्टॉर्क रहे आकर्षण का केंद्र

बर्ड वॉक के दौरान 150 से अधिक पेंटेड स्टॉर्क की मौजूदगी प्रमुख आकर्षण रही। आधिकारिक रिलीज के अनुसार ये पक्षी अगस्त के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रीय चिड़ियाघर पहुंचे और तालाब के अंदर तथा आसपास के पेड़ों पर घोंसला बनाना शुरू कर चुके हैं।

चिड़ियाघर के अनुसार इनका आगमन और घोंसला बनाना उसके आर्द्रभूमि और वृक्ष आवासों के पारिस्थितिक महत्व का संकेत माना जा रहा है। इस गतिविधि से आगंतुकों, प्रशिक्षुओं, स्वयंसेवकों और नागरिक विज्ञान से जुड़े लोगों को पक्षियों के प्राकृतिक व्यवहार और प्रजनन परिस्थितियों को समझने का अवसर भी मिला।

सुबह 7 बजे से 10 बजे तक हुआ ट्री वॉक

ट्री वॉक का आयोजन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक किया गया। इसका मार्गदर्शन डॉ. सी.आर. मगेष ने किया, जबकि बर्ड वॉक का मार्गदर्शन पक्षी विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. पारितोष अहमद ने किया। कार्यक्रम में प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, वन्यजीव फोटोग्राफरों, जैव विविधता शोधकर्ताओं, एनजेडपी इंटर्न और स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

ट्री वॉक के दौरान प्रतिभागियों को पत्तियों की आकृति, छाल की विशेषताओं, फूलों, फलों और कैनोपी संरचना जैसी विशेषताओं के आधार पर पेड़ों की पहचान करने की जानकारी दी गई। साथ ही कार्बन पृथक्करण, वायु शुद्धिकरण, तापमान नियंत्रण, मृदा संरक्षण और विभिन्न वनस्पतियों व जीवों के लिए आवास उपलब्ध कराने जैसी पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के बारे में भी बताया गया।

नागरिक विज्ञान और जैव विविधता पर जोर

कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने अवलोकनों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने और चिड़ियाघर के भीतर मौजूद वृक्षों तथा पक्षियों की विविधता को रिकॉर्ड करने का अवसर मिला। अधिकारियों ने नागरिकों की भागीदारी और जैव विविधता के दस्तावेजीकरण को प्रकृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का समापन संवादात्मक चर्चा और प्रतिक्रिया सत्र के साथ हुआ। आधिकारिक जानकारी के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाली प्रकृति सैर में अधिकतम 20 से 25 प्रतिभागियों को शामिल किया जाता है। इसके लिए पूर्व पंजीकरण आवश्यक है।

राष्ट्रीय चिड़ियाघर की ओर से अगली प्रकृति सैर के रूप में ‘रविवार सरीसृप, उभयचर और मोलस्क सैर’ तथा ‘रविवार पक्षी सैर’ 30 अगस्त 2026 को आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

SOURCE: PIB

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By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.

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