चांद की सतह पर अंतरिक्ष यात्री और भविष्य के मून बेस का नासा चित्रणचांद के दक्षिणी ध्रुव के पास भविष्य के मून बेस का नासा चित्रण। | PHOTO: NASA

दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ से लेकर जमीन के नीचे सुरंगों तक होगी पड़ताल, सामने आएंगे चांद के छिपे राज

भविष्य में इंसानी बस्ती के लिए कितनी सुरक्षित है चांद की जमीन? नई तकनीक से होगी बड़ी जांच, जानिए पूरी खबर

अमेरिका। चांद पर इंसानों की लंबे समय तक मौजूदगी की तैयारी के बीच NASA ने तीन नई वैज्ञानिक जांचों का चयन किया है। इनका मकसद चांद के वातावरण, प्राकृतिक संरचनाओं और वहां मौजूद संसाधनों को बेहतर तरीके से समझना है, ताकि भविष्य में चांद पर स्थायी मानव ठिकाना बनाने की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा सके।

NASA के मुताबिक इन तीनों जांचों को उसकी PRISM पहल के तहत चुना गया है। इन्हें चांद की सतह तक पहुंचाने के लिए Commercial Lunar Payload Services कार्यक्रम का इस्तेमाल किया जाएगा।

चांद पर खतरे कितने हैं, पहली जांच यही बताएगी

पहली जांच LEMS-SP चांद के दक्षिणी ध्रुव के वातावरण और संभावित खतरों पर नजर रखेगी। यह उपकरण सूक्ष्म उल्कापिंडों की गतिविधि और चांद के बेहद पतले गैसीय वातावरण में मौजूद अस्थिर पदार्थों का अध्ययन करेगा।

इसके साथ भूकंपीय गतिविधियों को दर्ज करने की भी कोशिश की जाएगी। इससे भविष्य के चंद्र ठिकानों और वहां इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लिए संभावित खतरों को समझने में मदद मिल सकती है।

चांद की सतह के नीचे क्या छिपा है?

दूसरी जांच GIMLI चांद की एक गहरी प्राकृतिक संरचना पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या उसके नीचे बड़ी भूमिगत लावा सुरंग मौजूद है।

अगर ऐसी सुरंग की पुष्टि होती है तो भविष्य में ये प्राकृतिक संरचनाएं अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बेहद कठिन तापमान और विकिरण से बचाव देने वाले संभावित प्राकृतिक ठिकानों के रूप में काम आ सकती हैं।

चांद पर बर्फ कहां है, अब इसका भी पता चलेगा

तीसरी जांच DISCO चांद के बेहद ठंडे इलाकों में छिपी बर्फ का सीधे सतह पर अध्ययन करेगी। यह यह समझने में भी मदद करेगी कि चांद की सतह पर उतरने वाले यान और उनके रॉकेट का असर जमीन पर कितना पड़ता है।

इस जांच से चांद पर बर्फ की मौजूदगी और उसकी मात्रा के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश होगी। भविष्य में इसी तरह के संसाधनों का इस्तेमाल चंद्र सतह पर मानव गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

Moon Base की तैयारी में जुटा नासा

NASA इन वैज्ञानिक जांचों को चांद पर भविष्य की मानव गतिविधियों की तैयारी से जोड़ रहा है। एजेंसी का लक्ष्य चांद के वातावरण, संभावित प्राकृतिक आश्रयों और उपलब्ध संसाधनों की पहले से जानकारी जुटाना है, ताकि भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सुरक्षित और लंबे समय तक काम करने वाली व्यवस्थाएं तैयार की जा सकें।

इन तीनों मिशनों से मिलने वाली जानकारी आगे की चंद्र सतह गतिविधियों और मानव मिशनों की योजना बनाने में उपयोगी हो सकती है।

SOURCE: NASA

PHOTO: NASA

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यह समाचार NASA द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी को तथ्यात्मक और निष्पक्ष रूप में प्रस्तुत किया गया है। India Time Report TV™ का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करना है। India Time Report TV™ किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं करता।

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By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.

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