ईरान में संघर्ष से प्रभावित इलाकों और संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता के दृश्यईरान में संघर्ष से प्रभावित इलाकों और मानवीय सहायता से जुड़े दृश्य। | UN / UN Geneva

31 में से 30 प्रांत प्रभावित, अस्पताल और जरूरी ढांचा भी चपेट में; मलबे के बीच जिंदगी तलाश रहे लोग

तेहरान में बमबारी के बाद तबाही का मंजर, महंगाई और आर्थिक दबाव ने बढ़ाई आम लोगों की परेशानी; जानिए पूरी खबर

ईरान। महीनों से जारी संघर्ष और सैन्य कार्रवाई का असर अब आम लोगों की जिंदगी, जरूरी ढांचे और अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र की ईरान में रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर क्रिस्टीन वाइगैंड ने बताया कि देश के 31 में से 30 प्रांत संघर्ष से प्रभावित हुए हैं। उनके मुताबिक राष्ट्रीय अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार 3,400 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 33,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

तबाही के बीच आम जिंदगी पर बड़ा असर

संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने बताया कि संघर्ष का असर केवल जान-माल के नुकसान तक सीमित नहीं है। अस्पतालों, बिजली व्यवस्था, पानी से जुड़े बुनियादी ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है।

क्रिस्टीन वाइगैंड ने तेहरान में बमबारी से प्रभावित इलाकों का जिक्र करते हुए बताया कि मलबे के बीच लोगों के घर और रोजमर्रा की जिंदगी तबाह हुई दिखाई दी। उन्होंने बच्चों के कमरे में पड़े खिलौनों और किताबों का भी जिक्र किया, जो संघर्ष के मानवीय असर को दिखाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, प्रभावित लोगों में ऐसे परिवार भी हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है या सैन्य कार्रवाई और उसके आर्थिक प्रभाव के कारण अपनी आजीविका गंवाई है।

स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी ढांचे पर भी दबाव

संघर्ष के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखना भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां प्रभावित समुदायों के लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने, मानसिक स्वास्थ्य सहायता देने और कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने में सहयोग कर रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक कुछ स्वास्थ्य सुविधाओं में बैकअप बिजली व्यवस्था और वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद दी गई है। मलबा हटाने और शुरुआती पुनर्बहाली के लिए विशेष उपकरण उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई है।

महंगाई और आर्थिक दबाव ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

संघर्ष का असर लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र अधिकारी के अनुसार खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई और मुद्रा के मूल्य में गिरावट आम लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

उनके मुताबिक कई लोग अपने निजी और पेशेवर जीवन से जुड़े फैसले टाल रहे हैं, क्योंकि उन्हें आगे की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

संयुक्त राष्ट्र ने बताई सहायता की स्थिति

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं, कमजोर वर्गों की सहायता और मानवीय जरूरतों से जुड़े कई कार्यों में सहयोग कर रही हैं। इसके साथ ही वैक्सीन की आपूर्ति के लिए जरूरी व्यवस्था और प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने से जुड़े प्रयासों में भी सहायता दी जा रही है।

संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ने संघर्ष के बीच ईरान के लोगों की स्थिति का जिक्र करते हुए उनकी जुझारू क्षमता की भी बात कही। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और परंपराओं को जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान में संघर्ष से हुए मानवीय और आर्थिक असर पर संयुक्त राष्ट्र की जानकारी। | UN Geneva / UNTV CH

संघर्ष का असर कितना व्यापक है?

संयुक्त राष्ट्र की जानकारी के अनुसार ईरान के 31 में से 30 प्रांत प्रभावित हुए हैं। संघर्ष से नागरिकों की मौत और चोटों के साथ-साथ आवासीय इमारतों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने यह भी बताया कि आर्थिक दबाव के कारण लोगों के सामने रोजमर्रा के खर्च और भविष्य को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी और मुद्रा की कमजोरी इस दबाव को और बढ़ा रही है।

SOURCE: UN Geneva

PHOTO/VIDEO: UN / UN Geneva

No Opinion | No Personal Claim | Only Reporting | India Time Report TV™

यह समाचार संयुक्त राष्ट्र जिनेवा के Multimedia Newsroom में 29 सितंबर 2026 को प्रकाशित आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध वीडियो सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है। संघर्ष, हताहतों और नुकसान से जुड़े आंकड़े संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तुत जानकारी और संबंधित राष्ट्रीय अधिकारियों के आंकड़ों के हवाले से दिए गए हैं। स्थिति में बदलाव संभव है। India Time Report TV™ का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करना है। India Time Report TV™ का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है।

Thank you for connecting with India Time Report TV.

Avatar photo

By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.

You missed