क्वाड बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों की फाइल फोटोक्वाड बैठक की फाइल फोटो। यह तस्वीर 3 सितंबर 2026 की नई दिल्ली में हुई शेरपाओं की बैठक की प्रत्यक्ष तस्वीर नहीं है।

समुद्री सुरक्षा से टेक्नोलॉजी तक मंथन, अगली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की तैयारी तेज

चारों देशों के शेरपाओं ने चल रही पहलों की समीक्षा की, ठोस और एक्शन-ओरिएंटेड सहयोग पर सहमति

दिल्ली। विदेशी मीटिंग यानी क्वाड देशों की अहम बैठक दिल्ली में हुई। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 3 सितंबर 2026 को क्वाड शेरपाओं की बैठक की मेजबानी की। बैठक में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य फोकस क्वाड की मौजूदा पहलों की समीक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने और अगली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की तैयारी पर रहा।

क्वाड की बड़ी बैठक में क्या हुआ?

बैठक में क्वाड की चल रही पहलों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। चारों देशों के प्रतिनिधियों ने सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

बैठक में स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। शेरपाओं ने सहयोग को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय ठोस और कार्रवाई-आधारित पहल पर ध्यान देने की जरूरत दोहराई।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब क्वाड देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर लगातार चर्चा हो रही है।

किन मुद्दों पर हुआ मंथन?

बैठक में क्वाड सहयोग के कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया। इनमें समुद्री और सीमा-पार सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीक तथा मानवीय सहायता और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे मुद्दे शामिल रहे।

इसके अलावा शेरपाओं ने इंडो-पैसिफिक और व्यापक क्षेत्रीय एवं वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

क्यों की गई यह बैठक?

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह बैठक 26 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद की कड़ी है।

शेरपाओं की बैठक का उद्देश्य पिछली मंत्रिस्तरीय बैठक के परिणामों को आगे बढ़ाना और अगली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की तैयारी करना था।

यानी इस बैठक का प्रमुख फोकस नई घोषणा करने से ज्यादा मौजूदा क्वाड एजेंडे की समीक्षा और आगे की तैयारियों को मजबूत करना रहा।

क्या हुआ फैसला?

बैठक में किसी एक बड़े नए फैसले की अलग से घोषणा नहीं की गई। हालांकि, क्वाड शेरपाओं ने ठोस और कार्रवाई-आधारित पहलों पर ध्यान बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

चारों देशों ने आगे भी बातचीत और आपसी परामर्श जारी रखने की बात कही। इसका सीधा मतलब है कि क्वाड के मौजूदा सहयोग कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने और अगली विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए एजेंडा तैयार करने पर काम जारी रहेगा।

क्यों जरूरी है क्वाड की यह बैठक?

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और आपातकालीन सहयोग जैसे मुद्दे कई देशों के लिए अहम हैं। ऐसे में क्वाड के चार देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक इन क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

3 सितंबर की दिल्ली बैठक में इन्हीं क्षेत्रों में चल रही पहलों की समीक्षा की गई और आगे के सहयोग को अधिक ठोस और कार्रवाई-आधारित बनाने पर जोर दिया गया।

SOURCE: U.S. Department of State | Office of the Spokesperson

PHOTO: U.S. Department of State / Flickr | File Photo

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By India Time Report TV Desk

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