नेपाल के लिए राहत सहायता लेकर खड़ा भारतीय वायुसेना का C-130 विमान।

चौथी भारतीय उड़ान 11 टन सहायता लेकर काठमांडू पहुंची, सुरंग बचाव और डीएनए जांच के लिए विशेषज्ञ टीमें भी भेजीं

275 भारतीय अब भी लापता या संपर्क से बाहर, चीन की ओर से 598 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे; 900 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित

दिल्ली। नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार तेज हो गया है। भारत ने नेपाल में चल रहे खोज, बचाव और राहत अभियान के लिए बड़े स्तर पर सहायता भेजी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ओर से अब तक 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। इसमें जरूरी दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।

चौथी भारतीय उड़ान 11 टन सहायता लेकर पहुंची

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अनुसार, भारत की चौथी उड़ान 11 टन सहायता लेकर नेपाल के लिए रवाना हुई। भारतीय वायुसेना के C-130 विमान में सुरंग खोज एवं बचाव अभियान के लिए तकनीकी दल और उपकरण भेजे गए। इसके साथ डीएनए विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम तथा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी राहत सामग्री भी भेजी गई।

सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश पर विशेष फोकस


नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई जलविद्युत परियोजनाएं और सुरंगें प्रभावित हुई हैं। भारत ने सुरंगों की स्थिति का आकलन करने और फंसे लोगों की तलाश में मदद के लिए विशेष तकनीकी दल भेजा है। आधिकारिक अपडेट के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण शुरू किया है, ताकि खोज और बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा सके।

पुल बहाली के लिए भी भारत की मदद

राहत सामग्री के साथ भारत ने बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए भी सहायता भेजी है। 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण भेजे जाने हैं और इनके निर्माण के लिए तकनीकी टीमें भी पहुंचेंगी

108 भारतीय बचाए गए, 275 अब भी संपर्क से बाहर

नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों को लेकर स्थिति लगातार अपडेट की जा रही है। नवीनतम MEA अपडेट के अनुसार, 108 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 275 भारतीय अभी लापता या संपर्क से बाहर बताए गए हैं। इसके अलावा भारतीय मूल के 128 लोग भी संपर्क से बाहर हैं।

वहीं, चीन की ओर से पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। MEA के अनुसार करीब 900 भारतीय अभी चीन की ओर सुरक्षित और संपर्क में हैं। भारत नेपाल और चीन दोनों के अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और सहायता सुनिश्चित करने में जुटा है।

नियंत्रण कक्ष और दूतावासों से लगातार निगरानी

विदेश मंत्रालय ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए 24 घंटे सक्रिय विशेष नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर खोज, बचाव और राहत कार्यों का समन्वय कर रहे हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, बचाए गए लोगों की स्थिति और उनकी भारत वापसी की व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

भारत की राहत सहायता लगातार जारी

भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत अभियान शुरुआती चरण से ही जारी है। शुरुआती सहायता के बाद अतिरिक्त राहत सामग्री और विशेषज्ञ दल भेजे गए हैं। अब राहत अभियान में चिकित्सा सहायता, तकनीकी खोज एवं बचाव, फॉरेंसिक सहायता और क्षतिग्रस्त संपर्क व्यवस्था को बहाल करने के लिए पुल निर्माण उपकरण तक शामिल किए गए हैं।

नेपाल में बचाव अभियान अभी जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारत की ओर से कहा गया है कि नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों के लिए सहायता जारी रहेगी।

SOURCE: MEA / Government of India

PHOTO SOURCE: MEA / Dr. S. Jaishankar / IAF / NDRRMA

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By India Time Report TV Desk

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