UPI digital payment using smartphonesUPI डिजिटल भुगतान को दर्शाती प्रतिनिधि तस्वीर।

आम यूजर्स के UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं, P2P लेन-देन भी रहेगा पूरी तरह मुफ्त

व्यापारियों के ज्यादातर UPI लेन-देन भी मुफ्त रहेंगे, MDR लगा तो सीमित लेन-देन पर मामूली दर से

DATE: 08 August 2026

DESK: India Time Report TV Desk

LOCATION: New Delhi, India

UPI यूजर्स के लिए सरकार ने स्थिति साफ की

UPI भुगतान को लेकर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि UPI से भुगतान करने वाले आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का लेन-देन शुल्क नहीं देना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी P2P लेन-देन निःशुल्क रहेंगे।

व्यापारियों के लिए भी ज्यादातर लेन-देन मुफ्त

सरकार के मुताबिक व्यापारियों के लिए भी UPI के अधिकांश लेन-देन निःशुल्क रहेंगे। यदि भविष्य में MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किया जाता है, तो यह सभी लेन-देन पर समान रूप से नहीं लगेगा, बल्कि केवल सीमित संख्या में व्यापारी लेन-देन पर, एक तय सीमा से ऊपर और मामूली दर पर लागू किया जा सकेगा।

सरकार ने कहा है कि ऐसी दर डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर लागू MDR की तुलना में काफी कम होगी। MDR लागू करने का फैसला भी निर्धारित व्यवस्था के तहत लिया जाएगा।

संसद में संशोधन के बाद आगे की प्रक्रिया

वित्त मंत्रालय के अनुसार, संसद द्वारा कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किए जाने के बाद, जिसमें भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10ए में संशोधन का प्रस्ताव है, NPCI की अध्यक्षता वाली ‘UPI और सेवा संचालन समिति’ MDR से संबंधित निर्णय लेगी, यदि MDR लागू करने की जरूरत होती है।

आखिर PSS अधिनियम में संशोधन क्यों किया गया?

सरकार ने कहा है कि भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम में किए गए संशोधन को कुछ जगहों पर आम UPI यूजर्स पर शुल्क लगाने की कोशिश के तौर पर गलत तरीके से समझा गया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, संशोधन का उद्देश्य UPI की दीर्घकालिक स्थिरता, तकनीकी विकास और उभरते जोखिमों के प्रति इसकी क्षमता को मजबूत करना है।

सरकार ने UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम और डिजिटल भुगतान ढांचे में लगातार अपग्रेड की जरूरत भी बताई है। साथ ही, UPI इकोसिस्टम के लिए आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल और संतुलित व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

सरकार ने फिर दोहराया—नागरिकों से कोई शुल्क नहीं

वित्त मंत्रालय ने निष्कर्ष के तौर पर साफ किया है कि UPI नागरिकों के लिए निःशुल्क रहेगा और नागरिकों के दैनिक लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। भविष्य में यदि MDR लागू किया जाता है, तो वह नाममात्र का होगा और केवल कुछ चुनिंदा व्यापारी लेन-देन तक सीमित रहेगा।

जुलाई में UPI ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

सरकार के अनुसार, जुलाई 2026 में UPI के जरिए ₹29.9 लाख करोड़ के 2,366 करोड़ लेन-देन हुए। वित्त मंत्रालय ने बताया कि UPI अब 11 विदेशी देशों में भी सक्रिय है और कई अन्य देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है।

सरकार ने नागरिकों से UPI से संबंधित जानकारी के लिए वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और NPCI की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने तथा अप्रमाणित जानकारी आगे नहीं बढ़ाने की अपील की है।

fSOURCE: Press Information Bureau (PIB) / Ministry of Finance

PHOTO SOURCE: Canva (Stock Image)

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By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.