Global surface temperature anomalies in September 2026, Copernicus ECMWF chartकॉपरनिकस के अनुसार, सितंबर 2026 में वैश्विक तापमान औद्योगिक-पूर्व औसत से 1.63°C अधिक रहा।

दूसरा सबसे गर्म सितंबर, वैश्विक तापमान 1.63°C ऊपर

यूरोप में सूखा गहराया, अंटार्कटिका में समुद्री बर्फ तीसरे सबसे निचले स्तर पर। जानिए पूरी खबर में।

बॉन, जर्मनी से जारी आधिकारिक जलवायु रिपोर्ट के आधार पर। दुनिया के तापमान में असामान्य बढ़ोतरी का सिलसिला सितंबर 2026 में भी जारी रहा। यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) के अनुसार, सितंबर 2026 रिकॉर्ड में दूसरा सबसे गर्म सितंबर रहा। इस दौरान वैश्विक औसत सतही वायु तापमान औद्योगिक-पूर्व अवधि यानी 1850–1900 के औसत से 1.63°C अधिक दर्ज किया गया। यह लगातार दूसरा महीना था, जब वैश्विक तापमान औद्योगिक-पूर्व स्तर से 1.5°C ऊपर रहा।

यह आँकड़ा यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) द्वारा लागू कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की ERA5 जलवायु डेटा श्रृंखला पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में वैश्विक औसत सतही वायु तापमान 16.27°C रहा, जो 1991–2020 के औसत से 0.82°C अधिक है। यह सितंबर 2023 की तुलना में 0.11°C कम था, जो अब भी रिकॉर्ड का सबसे गर्म सितंबर है।

अल नीनो की स्थितियाँ मजबूत होने के संकेत

रिपोर्ट में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियों के मजबूत होने की जानकारी दी गई है। सितंबर में 60° दक्षिण से 60° उत्तर अक्षांश के बीच समुद्र की औसत सतही तापमान विसंगति 21.05°C रही, जो इस महीने के लिए ERA5 रिकॉर्ड में सबसे अधिक थी। इससे पहले सितंबर का रिकॉर्ड 2023 में 20.92°C था।

नीनो 3.4 क्षेत्र में समुद्र की सतह का मासिक तापमान 29.70°C तक पहुँचा। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्तर 1982–83, 1997–98 और 2015–16 के पिछले बेहद मजबूत अल नीनो घटनाक्रमों के शिखर मूल्यों से अधिक था। हालांकि, अल नीनो के आगे के प्रभावों और वैश्विक तापमान पर उसके योगदान का आकलन लगातार बदलते मौसम संबंधी आँकड़ों के आधार पर किया जाता है।

यूरोप में गर्मी के साथ सूखे की स्थिति

यूरोप में सितंबर के दौरान गर्म और शुष्क परिस्थितियाँ बनी रहीं। पूरे यूरोप का औसत भूमि तापमान 16.26°C रहा, जो 1991–2020 के औसत से 1.54°C अधिक था। यह रिकॉर्ड में तीसरा सबसे गर्म सितंबर था। पश्चिमी यूरोप में सितंबर का तापमान 2023 के बराबर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा।

पश्चिमी, मध्य और पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति बनी रही और कई क्षेत्रों में अगस्त की तुलना में इसका विस्तार हुआ। राइन, डेन्यूब, विस्तुला और गारोन-दोर्दोन नदियों के कुछ हिस्सों में सितंबर के लिए रिकॉर्ड-निम्न प्रवाह दर्ज किया गया। इसका असर जल परिवहन, जल आपूर्ति और कृषि पर पड़ा। महीने के अंतिम हिस्से में हुई बारिश से कुछ स्थानों पर राहत मिली, लेकिन फ्रांस और स्पेन के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की घटनाएँ भी हुईं।

समुद्री बर्फ की स्थिति भी चिंता का विषय

रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक में समुद्री बर्फ का दैनिक विस्तार गर्मियों के वार्षिक न्यूनतम स्तर पर पहुँचा, जबकि सितंबर का मासिक विस्तार उपग्रह रिकॉर्ड में 16वाँ सबसे कम रहा। यह औसत से लगभग 10 प्रतिशत नीचे था।

अंटार्कटिका के आसपास समुद्री बर्फ का दैनिक विस्तार सर्दियों के वार्षिक अधिकतम स्तर पर पहुँचा, जो उपग्रह रिकॉर्ड में तीसरा सबसे कम था। सितंबर का मासिक विस्तार भी औसत से लगभग 6 प्रतिशत नीचे रहा।

कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के निदेशक कार्लो बुओनटेम्पो ने कहा कि यूरोप के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी के बाद वैश्विक तापमान का ऊँचा बने रहना चिंता का विषय है। उनके अनुसार, आने वाले समय में तापमान में बढ़ोतरी कितनी होगी और यह कितने समय तक जारी रहेगी, इस पर मानव समाज के निर्णयों का प्रभाव पड़ सकता है।

रिपोर्ट के ये निष्कर्ष वैश्विक तापमान, समुद्री सतह, जल-प्रवाह और समुद्री बर्फ के आँकड़ों पर आधारित हैं। एक या दो महीनों में 1.5°C से ऊपर तापमान दर्ज होना अपने-आप में पेरिस समझौते की दीर्घकालिक तापमान सीमा पार होने का औपचारिक निष्कर्ष नहीं है; इसके लिए दीर्घकालिक वैश्विक औसत का आकलन आवश्यक है।

SOURCE: Copernicus Climate Change Service (C3S) | ECMWF

PHOTO: C3S/ECMWF — आधिकारिक चार्ट एवं मानचित्र

No Opinion | No Personal Claim | Only Reporting | India Time Report TV™

यह समाचार कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस और ECMWF की सितंबर 2026 की आधिकारिक जलवायु रिपोर्ट पर आधारित है। तापमान संबंधी आँकड़े ERA5 डेटा और रिपोर्ट में निर्दिष्ट संदर्भ अवधियों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। मासिक तापमान विसंगतियों को दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों के औपचारिक आकलन से अलग समझा जाना चाहिए। India Time Report TV™ का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करना है। India Time Report TV™ का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है।

Thank you for connecting with India Time Report TV™.

Avatar photo

By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.

You missed