सादाबाद कोतवाली में थाना दिवस के दौरान शिकायतें सुनते अधिकारीथाना दिवस के दौरान शिकायतें सुनते अधिकारी।

थाना दिवस में नायब तहसीलदार वैष्णवी शर्मा ने सुनीं शिकायतें, मौके पर निस्तारण कराने की भी हुई कार्रवाई

लेखपाल संघ बोला—मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा चरणबद्ध आंदोलन, डीपीसी और अंतरमंडलीय तबादलों का मुद्दा भी उठाया

हाथरस। सादाबाद कोतवाली परिसर में शनिवार को थाना दिवस के दौरान आमजन की शिकायतें सुनी गईं। नायब तहसीलदार वैष्णवी शर्मा ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराने की कार्रवाई की। इसी दौरान तहसील क्षेत्र के लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।

लेखपालों का यह विरोध उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान के तहत किया गया। संघ की ओर से वेतनमान, पदोन्नति प्रक्रिया और अंतरमंडलीय स्थानांतरण जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।

सादाबाद में थाना दिवस के दौरान शिकायतें सुनते अधिकारी और काली पट्टी बांधकर विरोध जताते लेखपाल। | VIDEO: Nitin Kumar | ITRTV

थाना दिवस में शिकायतें, दूसरी ओर लेखपालों का विरोध

सादाबाद कोतवाली परिसर में आयोजित थाना दिवस में अधिकारी लोगों की शिकायतों और राजस्व संबंधी समस्याओं को सुन रहे थे। वहीं, लेखपालों ने अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।

लेखपाल संघ के अध्यक्ष देवव्रत गौतम के अनुसार, प्रांतीय संगठन के निर्देश पर आंदोलन अलग-अलग चरणों में चलाया जा रहा है। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण लेखपाल विरोध दर्ज करा रहे हैं।

2800 ग्रेड पे की मांग क्यों उठा रहे लेखपाल?

लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में 2800 ग्रेड पे का मुद्दा शामिल है। संघ के अध्यक्ष के मुताबिक, लेखपाल संवर्ग पिछले करीब 10 वर्षों से इस मांग को उठा रहा है। उनका कहना है कि राजस्व परिषद से स्वीकृति मिलने के बावजूद संबंधित फाइल शासन स्तर पर लंबित है।

संघ ने एसीपी के तहत एक ही संवर्ग में अलग-अलग ग्रेड पे मिलने की विसंगति का भी मुद्दा उठाया है। उसके अनुसार, कुछ कर्मचारियों को 2800 ग्रेड पे जबकि कुछ को 2400 ग्रेड पे मिलने की स्थिति बनी हुई है।

पदोन्नति सूची और तबादला पोर्टल पर भी सवाल

लेखपाल संघ ने विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। संघ के मुताबिक, 1,065 पात्र कर्मचारियों के सापेक्ष केवल 455 कर्मचारियों की सूची जारी की गई। यह आंकड़ा संघ की ओर से दिया गया है; उपलब्ध जानकारी में विभागीय स्तर पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि शामिल नहीं है।

एक अन्य मांग अंतरमंडलीय स्थानांतरण पोर्टल दोबारा शुरू करने की है। संघ का कहना है कि दूसरे जिलों में कार्यरत करीब 3,000 लेखपाल अपने गृह जनपद से दूर हैं। इनमें महिला लेखपाल भी शामिल हैं। संघ चाहता है कि बंद पोर्टल को फिर से चालू किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को स्थानांतरण का अवसर मिल सके।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

लेखपाल संघ के अनुसार, आंदोलन के तहत 22 सितंबर से अतिरिक्त प्रभार वाले कार्य बंद किए गए। इसके बाद संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही गई। संघ ने यह भी दावा किया कि 8 सितंबर से ऑनलाइन कार्य बंद रखे गए हैं और शनिवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया।

संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर शासन स्तर से निर्णय होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में इन मांगों पर शासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

SOURCE: Nitin Kumar, State Bureau, UP | ITRTV

PHOTO/VIDEO: Nitin Kumar / ITRTV

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यह ग्राउंड रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध दृश्य और लेखपाल संघ की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। मांगों, आंदोलन की समयरेखा और कर्मचारियों की संख्या से संबंधित दावों को संघ के पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। India Time Report TV™ का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करना है। India Time Report TV™ का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है।

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