गेहूं के खेत में काम करती महिला किसानगेहूं की फसल के खेत में बैठी महिला किसान की प्रतिनिधि तस्वीर। | Photo: Pexels

नकली खाद-बीज पर सख्ती, फसल बीमा और रबी की तैयारी पर केंद्र का फोकस

तुअर-उड़द-मसूर की एमएसपी पर पूरी खरीद, 48 घंटे में भुगतान की बात; 22 अक्टूबर से ‘खेत बचाओ अभियान’ , जानिए किसानों के लिए क्या है जाने पूरी खबर!

नई दिल्ली। रबी सीजन की तैयारियों को लेकर केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। सम्मेलन में रबी की तैयारी, खाद-बीज, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, मिट्टी की सेहत और किसानों को उपज का बेहतर दाम दिलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर काम करना होगा। सम्मेलन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 10 राज्यों को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय स्वीकृति पत्र भी दिए गए।

10 राज्यों को 1,200 करोड़ से ज्यादा की मंजूरी

पीएम-आरकेवीवाई के तहत पश्चिम बंगाल को 290 करोड़, हरियाणा को 198 करोड़, छत्तीसगढ़ को 181 करोड़, अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़, बिहार को 114 करोड़, कर्नाटक को 104 करोड़, मिजोरम को 75 करोड़, हिमाचल प्रदेश को 64 करोड़, झारखंड को 58 करोड़ और पंजाब को 43 करोड़ रुपये के स्वीकृति पत्र दिए गए।

रबी की तैयारी के लिए तय हुआ नया कैलेंडर

कृषि मंत्री के अनुसार रबी और खरीफ की तैयारी पहले से करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर बैठकें नियमित रूप से होंगी। रबी अभियान के लिए हर साल 10 सितंबर को जिला स्तर और 17 सितंबर को राज्य स्तर पर बैठक आयोजित करने की बात कही गई है।

इसके अलावा केंद्र और राज्यों के बीच हर महीने नियमित आभासी समीक्षा बैठक और कृषि क्षेत्र की लगातार समीक्षा की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

22 अक्टूबर से ‘खेत बचाओ अभियान’

मिट्टी की सेहत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाने का आह्वान किया गया है।

इस अभियान में मिट्टी की जांच, संतुलित उर्वरक इस्तेमाल और वैज्ञानिक तरीकों से खेती पर जोर देने की बात कही गई है। पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में धान कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहन की खेती को बढ़ावा देने की योजना भी बताई गई।

नकली खाद-बीज पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

रबी की बुवाई से पहले गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। राज्यों से नकली खाद, नकली बीज और अमानक कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया।

कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की बात भी कही।

तुअर, उड़द और मसूर की खरीद पर बड़ा दावा

किसानों को उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए भंडारण, बिक्री और फसल कटाई के बाद की व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही गई।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तुअर, उड़द और मसूर की एमएसपी पर 100 प्रतिशत सुनिश्चित सरकारी खरीद की जाएगी और भुगतान 48 घंटे में करने की व्यवस्था होगी। यह केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा सम्मेलन में कही गई बात है।

उन्होंने कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और निर्यात बढ़ाने की रणनीति पर भी बात रखी।

किसानों की फसल योजना में पानी और मिट्टी पर जोर

रबी की बुवाई के दौरान मिट्टी में नमी और पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए फसल और उन्नत बीजों का चयन करने पर जोर दिया गया।

इसके साथ फसलों को कीट और बीमारियों से बचाने, पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने और फसल बीमा योजना के तहत पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के निर्देशों की जानकारी दी गई।

SOURCE: PIB Delhi | Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India

PHOTO: Pexels | Representative Images

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By India Time Report TV Desk

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