यमन में भूख, विस्थापन और बच्चों के मानवीय संकट की तस्वीरेंयमन के भूख और मानवीय संकट पर UNICEF-WHO की ब्रीफिंग के साथ विस्थापित परिवारों और बच्चों की तस्वीरें।

हजारों बच्चों की जांच में हर 4 में 1 बच्चा कुपोषित मिला, UNICEF ने बिगड़ते हालात पर जताई चिंता

गोलीबारी से भाग रहे परिवारों के सामने खाना और इलाज का संकट, 71 हजार बच्चों समेत करीब 1.30 लाख लोग घर छोड़ चुके; जानिए पूरी खबर

यमन। यमन में फिर तेज हुई हिंसा के बीच भूख और कुपोषण का संकट और गहरा गया है। UNICEF और WHO ने बताया है कि हाल की लड़ाई से बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और विस्थापित बच्चों के सामने भोजन तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

UNICEF के मुताबिक, सुरक्षित मानवीय पहुंच वाले इलाकों में करीब 2,900 बच्चों की जांच की गई। इनमें हर चार में एक से ज्यादा बच्चा तीव्र कुपोषण से प्रभावित मिला, जबकि करीब 200 बच्चे गंभीर तीव्र कुपोषण की स्थिति में पाए गए।

यमन में बढ़ते विस्थापन और बच्चों के भूख-कुपोषण संकट पर UNICEF और WHO की जानकारी। VIDEO: UNTV CH / UNOG

1.30 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर

UNICEF के अनुसार, पिछले करीब तीन हफ्तों में यमन में लगभग 1.30 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें करीब 71 हजार बच्चे शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ गवर्नरेट में प्रभावित हुए हैं, जहां लड़ाई, रास्ते बंद होने और परिवहन की कमी के कारण सुरक्षित इलाकों तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है।

बच्चों पर हिंसा का असर भी बढ़ा

UNICEF ने बताया कि 3 सितंबर से कम से कम 15 बच्चों की मौत और 14 बच्चों के घायल होने की पुष्टि की गई है। इनमें ज्यादातर मामले गोलाबारी से जुड़े बताए गए हैं। तीन बच्चे अभी भी लापता हैं।

UNICEF के अनुसार, हाल की हिंसा से पहले ही यमन में पांच साल से कम उम्र के 22 लाख से ज्यादा बच्चों के इस साल तीव्र कुपोषण से प्रभावित होने का अनुमान था। इनमें 5 लाख से ज्यादा बच्चों के गंभीर तीव्र कुपोषण से प्रभावित होने का अनुमान है।

इलाज तक पहुंचना भी चुनौती

WHO के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी लगातार मुश्किल हो रही है। उत्तरी यमन के 105 स्वास्थ्य-प्राथमिकता वाले जिलों में से 90 में संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां निलंबित हैं।

WHO ने बताया कि इसका असर बाह्य रोगी सेवाओं, सुरक्षित प्रसव और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।

सुरक्षित मानवीय पहुंच पर भी सवाल

UNICEF और अन्य सहायता एजेंसियों के अनुसार, यमन में रहने वाले 65 से 70 प्रतिशत बच्चों तक सुरक्षित और निर्बाध मानवीय सहायता नहीं पहुंच पा रही है। एजेंसी ने बताया कि इन इलाकों का एक हिस्सा हूती विपक्षी बलों के नियंत्रण में है।

यमन में जारी हिंसा के बीच मानवीय एजेंसियां बच्चों के लिए भोजन, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाए रखने को बड़ी चुनौती बता रही हैं।

SOURCE: UNOG / UNICEF / WHO

PHOTO/ VIDEO: UNTV CH / UNOG

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यह समाचार United Nations Office at Geneva Multimedia Newsroom में प्रकाशित UNICEF और WHO की आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। विस्थापन, कुपोषण, मौत और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आंकड़े संबंधित संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। India Time Report TV™ का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करना है। India Time Report TV™ का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है।

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By India Time Report TV Desk

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