गाजा में महिला और बच्चों की मानवीय स्थिति तथा UN Women की ब्रीफिंगगाजा में महिलाओं और बच्चों की स्थिति तथा UN Women की ब्रीफिंग का दृश्य।

86,290 महिला-प्रधान परिवारों के सामने भोजन, पानी, आश्रय और जरूरी सेवाओं का संकट

UN Women के मुताबिक युद्ध और विस्थापन के बीच महिलाओं पर संसाधनों और परिवार की जिम्मेदारी का बढ़ता दबाव

गाजा में युद्ध और मानवीय संकट के बीच महिला-प्रधान परिवारों के सामने मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था UN Women के नए आंकड़ों के अनुसार, गाजा में लगभग हर चार में से एक परिवार की कमान अब महिला के हाथ में है। ऐसे परिवारों की अनुमानित संख्या 86,290 बताई गई है।

UN Women के अनुसार, यह अनुपात अक्टूबर 2023 से पहले की स्थिति की तुलना में लगभग दोगुना है। संस्था ने कहा है कि महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवारों को भोजन, पीने के पानी, स्वच्छता, आश्रय और आर्थिक संसाधनों तक पहुंच में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वीडियो: गाजा में महिला-प्रधान परिवारों की मानवीय स्थिति पर UN Women का अपडेट VIDEO CREDIT: UN WOMEN / UN GENEVA

UN Women की Humanitarian Action प्रमुख Sofia Calltorp ने जिनेवा में पत्रकारों को बताया कि महिला-प्रधान परिवारों को सीमित संसाधनों के बीच रोजमर्रा के जीवन और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कठिन फैसले लेने पड़ रहे हैं।

गाजा में महिलाओं और बच्चों पर संकट

UN Women के अनुसार, गाजा में भोजन, पीने के पानी, स्वच्छता सामग्री और जरूरी सेवाओं तक पहुंच अभी भी गंभीर रूप से सीमित है। संस्था ने मानवीय सहायता तक पहुंच पर प्रतिबंध, असुरक्षा और लगातार जारी इजरायली बमबारी को मौजूदा संकट के प्रमुख कारणों में शामिल किया है।

UN Women ने कुछ व्यक्तिगत मामलों का भी उल्लेख किया। संस्था के अनुसार, 18 वर्षीय रघद अशौर की गाजा सिटी में 11वीं कक्षा की परीक्षा के लिए जाते समय एक इजरायली हमले में मौत हुई। संस्था ने गाजा सिटी में 31 वर्षीय दीना अल्माधून और खान यूनिस के मवासी इलाके में विस्थापित परिवारों के शिविर में एक छह वर्षीय बच्ची की मौत का भी उल्लेख किया।

महिला-प्रधान परिवारों में बढ़ी असुरक्षा

UN Women के विश्लेषण के अनुसार, पुरुषों के नेतृत्व वाले परिवारों की तुलना में महिला-प्रधान परिवारों में आश्रय, भोजन और आर्थिक संसाधनों की कमी की संभावना अधिक है। संस्था के मुताबिक ऐसे परिवारों के विस्थापित होने या उनके घर नष्ट होने की संभावना भी अधिक है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय OCHA के हवाले से UN Women ने बताया कि युद्धविराम समझौते के बाद से गाजा में 1,303 मौतें और 4,336 घायल होने की जानकारी सामने आई है।

गाजा में विस्थापन और सीमित पहुंच

UN की जानकारी के अनुसार, गाजा की लगभग 2.1 मिलियन आबादी का बड़ा हिस्सा अभी भी विस्थापित है। UN के मुताबिक फिलहाल फिलिस्तीनी आबादी गाजा पट्टी के 40 प्रतिशत से भी कम हिस्से तक सीमित है, जबकि कई इलाकों में पहुंच पर गंभीर प्रतिबंध हैं।

UN OCHA के अनुसार, गाजा की आधी से अधिक आबादी यानी लगभग 58 प्रतिशत लोगों को गंभीर या अत्यंत गंभीर आश्रय जरूरतों का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की चिंता

UN Women का कहना है कि युद्ध, विस्थापन और जरूरी संसाधनों की कमी के बीच महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवारों पर जिम्मेदारियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। संस्था ने मानवीय सहायता और जरूरी सेवाओं तक पहुंच को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

इस रिपोर्ट में मौतों, हमलों, विस्थापन और मानवीय स्थिति से संबंधित आंकड़े UN Women और UN मानवीय एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।

SOURCE:UN Women | UN Geneva

PHOTO/VIDEO:UN Geneva / UN Women

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यह समाचार UN Women और UN Geneva द्वारा जारी जानकारी तथा उपलब्ध मानवीय आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। गाजा में मौतों, हमलों, विस्थापन, मानवीय स्थिति और सहायता की पहुंच से संबंधित आंकड़े संबंधित संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। India Time Report TV™ इन आंकड़ों या युद्ध से संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता और किसी भी पक्ष के दावे को अपनी ओर से आरोप, निष्कर्ष या स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।

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By India Time Report TV Desk

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