नेपाल बाढ़ संकट पर संयुक्त राष्ट्र की मानवीय प्रतिक्रिया।

बाढ़ और भूस्खलन से रसुवा, नुवाकोट और धादिंग प्रभावित; करीब 40 किमी सड़कें और 40 पुल क्षतिग्रस्त

UN के मुताबिक 538 शव बरामद, कम से कम 93 हजार लोग प्रभावित; आगे और बाढ़ का खतरा

नेपाल। नेपाल के उत्तरी हिस्सों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता तंत्र के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और आगे और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र के नेपाल में शीर्ष अधिकारी लिला पीटर्स याहिया ने बताया कि शुक्रवार को प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान अतिरिक्त बाढ़ की चेतावनी मिलने के बाद टीम को वापस काठमांडू लौटना पड़ा। प्रभावित रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में सहायता दल उन समुदायों तक पहुंचने में जुटे हैं जो आपदा के कारण अलग-थलग पड़ गए हैं।

बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान

UN के अनुसार शुक्रवार तक नेपाल में 977 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं, जबकि नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के अनुसार 538 शव बरामद किए जा चुके हैं।

आपदा से रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में मानवीय जरूरतें बढ़ी हैं। International Federation of Red Cross and Red Crescent Societies के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कम से कम 93,000 लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें सहायता की जरूरत है।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में करीब 40 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह नष्ट हुई हैं, जबकि 40 पुल नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ स्थानों तक केवल हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचना संभव बताया गया है, जिसके कारण आवश्यक सामान और स्वच्छ पानी भी हवाई मार्ग से पहुंचाया जा रहा है।

दूसरी बाढ़ का खतरा बरकरार

UN अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में जमा पानी के कारण एक और बाढ़ का खतरा चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन सड़क संपर्क बहाल करने और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण विशेषज्ञों ने इस आपदा के व्यापक प्रभाव पर चिंता जताई है। उनके अनुसार जान-माल के साथ-साथ घरों, बुनियादी ढांचे, पुलों और बिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित

UNICEF के अनुसार 18 स्कूल पूरी तरह नष्ट हुए हैं और 20 अन्य क्षतिग्रस्त हुए हैं। नदी किनारे स्थित कई अन्य स्कूल भी जोखिम में हैं और अनुमानित 10,000 स्कूली बच्चों को शिक्षा जारी रखने के लिए सहायता की जरूरत है।

WHO ने चेतावनी दी है कि विस्थापन और भीड़भाड़ के कारण पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आ सकती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।UN अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति को अत्यधिक जोखिम और अनिश्चितता वाली बताया है। उनका कहना है कि आपदा का प्रभाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं सहायता की जरूरत बनी हुई है।

SOURCE : UN / OCHA / UNDRR / IFRC / WHO

PHOTO/VIDEO SOURCE : UN / OCHA / UNDRR / IFRC / WHO

No Opinion | No Personal Claim | Only Reporting | India Time Report TV™

यह समाचार आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र स्रोत से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। घटनाक्रम और स्थानीय परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं।India Time Report TV™ किसी भी देश, सरकार, संगठन, व्यक्ति या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं करता।India Time Report TV™ सार्वजनिक एवं आधिकारिक जानकारी के आधार पर तथ्यात्मक, निष्पक्ष एवं जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है।

Thank you for connecting with India Time Report TV™.

Avatar photo

By India Time Report TV Desk

Official Editorial Desk of India Time Report TV.

You missed