Farmers holding popcorn maize in an agricultural field, representative graphic.आंध्र प्रदेश में पॉपकॉर्न मक्का की खेती से जुड़े किसानों का प्रतिनिधि चित्र।

आंध्र प्रदेश पर क्यों टिकी देश की नजर? यहीं से शुरू हुई स्वदेशी पॉपकॉर्न मक्का बीज की नई पहल

17,500 से ज्यादा किसान और 40 हजार एकड़ जमीन जुड़ी, जानिए क्या है इस हाइब्रिड बीज की पूरी कहानी

आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में कृषि क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देश का पहला गैर-जीएमओ उच्च-गुणवत्ता पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया। यह हाइब्रिड बीज गॉरमेट पॉपकॉर्निका द्वारा विकसित किया गया है। उपराष्ट्रपति ने इसे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

स्वदेशी बीज तकनीक पर जोर

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने कृषि में तकनीक, नवाचार और स्वदेशी बीजों के विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं और कृषि ने देश की सभ्यता तथा सांस्कृतिक जीवन को आकार दिया है।आधिकारिक रिलीज के अनुसार, भारत लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भर रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि नई स्वदेशी हाइब्रिड तकनीक इस निर्भरता को कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आठ राज्यों के हजारों किसान जुड़े

रिलीज के मुताबिक गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े किसान-उद्यम साझेदारी के तहत आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसान लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर खेती कर रहे हैं।उपराष्ट्रपति ने इस पहल को किसान भागीदारी और उद्यमिता के उदाहरण के तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के स्थानीय उद्यम से पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करण के एक प्रमुख उद्यम के रूप में विकसित होने की यात्रा की भी सराहना की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इससे हजारों किसान परिवारों के लिए बाजार तक पहुंच और आय के अवसर मजबूत हुए हैं।

कृषि में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों द्वारा जोती गई मिट्टी, वैज्ञानिकों और उद्यमियों द्वारा विकसित बीज तथा मजबूत होती आत्मनिर्भरता मिलकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देगी। उन्होंने मुसुनुरु की पहल को नवाचार, उद्यमशीलता और किसान साझेदारी के माध्यम से अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि क्षेत्र बनाने की दिशा में उदाहरण बताया।

पॉपकॉर्न प्रसंस्करण और भंडारण की जानकारी ली

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने गॉरमेट पॉपकॉर्निका की फैक्ट्री और कोल्ड स्टोरेज का भी दौरा किया। उन्हें वहां मक्का प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और भंडारण से जुड़ी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और राज्य सरकार के अन्य मंत्री तथा गॉरमेट पॉपकॉर्निका के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

SOURCE: PIB

PHOTO SOURCE: ITRTV (Representative Graphic)

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By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.

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