भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सांकेतिक तस्वीरभारत में इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित परिवहन को दर्शाती सांकेतिक तस्वीर।

फेम-2 के तहत 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा, 5,299 ई-बसें सड़कों पर उतरीं

पीएम ई-ड्राइव के लिए 10,900 करोड़ रुपये का प्रावधान, सरकार का फोकस चार्जिंग नेटवर्क और घरेलू निर्माण पर

नई दिल्ली | भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत लगातार प्रगति दर्ज की गई है। भारी उद्योग मंत्रालय की 12 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 7 अगस्त 2026 तक कुल 67,657 ईवी चार्जर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 1,139 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन चार्जर भी शामिल हैं।

सरकार की रिपोर्ट में फेम इंडिया योजना चरण-II, पीएम ई-ड्राइव, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट के लिए पीएलआई तथा एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी से जुड़ी योजनाओं की प्रगति बताई गई है। इन योजनाओं का फोकस इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग, घरेलू विनिर्माण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर है।

67,657 ईवी चार्जर स्थापित

भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार 7 अगस्त 2026 तक देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 67,657 ईवी चार्जर स्थापित किए जा चुके हैं। इसमें 1,139 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन चार्जर भी शामिल हैं।यह चार्जिंग नेटवर्क इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का हिस्सा है।

फेम-2 से 16.72 लाख ईवी को बढ़ावा

फेम इंडिया योजना चरण-II के तहत ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू और ई-4डब्ल्यू समेत करीब 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा दिया गया।इस योजना के तहत अलग-अलग शहरों के लिए 6,862 ई-बसों को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 31 जुलाई 2026 तक 5,299 ई-बसें सेवा में लगाई जा चुकी थीं। ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 912.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए और योजना के तहत 9,583 ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए।

पीएम ई-ड्राइव योजना में 26.59 लाख ईवी

सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना का कुल परिव्यय 10,900 करोड़ रुपये है। यह योजना लगभग 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गई है, जिसमें ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-ट्रक, ई-बस और ई-एम्बुलेंस शामिल हैं।मंत्रालय की तालिका के अनुसार 30 जून 2026 तक पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की गई थी।

ई-बसों और चार्जिंग नेटवर्क पर भी जोर

पीएम ई-ड्राइव के तहत 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए 4,391 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और मंत्रालय के अनुसार 14,000 ई-बसें आवंटित की जा चुकी हैं।वहीं पीएम ई-बस सेवा भुगतान सुरक्षा तंत्र योजना का लक्ष्य 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती में सहायता करना है। 10 जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 27,555 ई-बसें शामिल थीं।

घरेलू निर्माण और बैटरी पर भी फोकस

सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ इनके घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ऑटो और ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र में पीएलआई योजना के लिए 25,938 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी निर्माण के लिए भी 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य 50 गीगावॉट एसीसी बैटरियों के लिए प्रतिस्पर्धी घरेलू विनिर्माण व्यवस्था तैयार करना है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार की अन्य पहल

सरकारी जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके चार्जर/चार्जिंग स्टेशनों पर जीएसटी 5 प्रतिशत किया गया है। बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए हरी लाइसेंस प्लेट और परमिट से छूट की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है।इसके अलावा राज्यों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स माफ करने की सलाह दी गई है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत को कम करने में मदद करना है।

क्या है इसका असर?सरकार की योजनाओं और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए बुनियादी ढांचा बढ़ रहा है। साथ ही ईवी, बैटरी और ऑटो कंपोनेंट के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।हालांकि, इन आंकड़ों को सरकार द्वारा जारी योजनाओं की प्रगति के रूप में देखा जाना चाहिए; यह अपने-आप में यह साबित नहीं करता कि देश के सभी हिस्सों में ईवी चार्जिंग सुविधा समान रूप से उपलब्ध हो गई है।

SOURCE: PIB

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यह समाचार भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें सरकारी योजनाओं और उपलब्ध कराए गए आधिकारिक आंकड़ों को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है। India Time Report TV किसी राजनीतिक दल, सरकार, व्यक्ति, संस्था या विचार का समर्थन अथवा विरोध नहीं करता।

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By Harish Kumar

Harish Kumar is the Director of India Time Report Media Network. He oversees editorial operations and is committed to factual, impartial and responsible journalism. His focus is on official announcements, national affairs, technology, business and international news.