CSIR की बड़ी पहल, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हींग की खेती, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता पर तैयार होगा रोडमैप।

100 से अधिक वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे, कारगिल के सतत विकास के लिए विज्ञान आधारित समाधान पर मंथन।

DATE: 17 July 2026

DESK: Science & Technology Desk

LOCATION: Kargil, Ladakh

सीमावर्ती क्षेत्र कारगिल के विकास को नई गति देने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी को केंद्र में रखकर बड़ा कदम उठाया गया है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के नेतृत्व में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कारगिल के सतत और समावेशी विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) आधारित कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में व्यापक मंथन किया गया।

बैठक में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, इको-टूरिज्म, औषधीय पौधों और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, कारगिल में आयोजित इस बैठक में CSIR-NIScPR, उन्नत भारत अभियान (IIT दिल्ली), IIT जम्मू तथा अन्य प्रमुख संस्थानों के वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, किसानों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

चर्चा का मुख्य उद्देश्य कारगिल की भौगोलिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ऐसे तकनीकी समाधान तलाशना था, जिनसे स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो और क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने पर्वतीय कृषि के लिए उन्नत तकनीकों, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, हींग की खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, जल संसाधन प्रबंधन, संरक्षित खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि और ग्रामीण उद्योगों की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

वैज्ञानिकों ने कहा कि यदि इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए तो कारगिल न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।बैठक में वित्तीय सहायता, संस्थागत सहयोग और तकनीकी हस्तांतरण पर भी विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि विज्ञान आधारित समाधान तभी सफल होंगे जब सरकारी संस्थान, अनुसंधान संगठन, वित्तीय एजेंसियां और स्थानीय समुदाय मिलकर काम करें।

प्रतिभागियों ने पायलट परियोजनाओं, तकनीकी प्रदर्शनों और कौशल विकास कार्यक्रमों को तेज करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।कार्यक्रम के अंत में विभिन्न संस्थानों ने कारगिल के लिए दीर्घकालिक विकास रोडमैप तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों का कहना है कि बैठक से प्राप्त सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से कारगिल के सतत विकास को नई दिशा मिल सके।

SOURCE: PIB

PHOTO: PIB

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यह समाचार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा CSIR-NIScPR द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें शामिल जानकारी संबंधित संस्थानों द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरणों पर आधारित है। India Time Report TV तथ्यात्मक, निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी व्यक्ति, संस्था, सरकार या राजनीतिक दल का समर्थन अथवा विरोध नहीं करता।

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By India Time Report TV Desk

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